दिशाहीन हो गयी BJP.
समाज को जाति गत आंदोलन की ओर सरकार ने ही धकेला है वरना क्या जरूरत थी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद इस एक्ट मे टांग घुसेड़ने की ..? देशहित के कितने काम हो सकते थे मगर सरकार जी व्यस्त है जुमलेबाजी मे केवल ..दिल की बात बताऊँ तो मोदी जी के भाषणों से अब उब होने लगा है ..केवल कोरे शब्द थोथे आश्वासन और न नीति न नीयत कार्यान्वयन की ..नीयत होती तो पकौड़े बेचने की सलाह नही देनी पड़ती ..तो क्या गलती से चुन लिया मोदी को पीएम लोगो ने ..?? शायद ..सही है ये ..चाय वाले को पीएम बनाया तो वह पढ़े लिखे बेरीजगारो को पकौड़ा बेचने की ही सलाह देगा ..क्या यह सोच पर प्रश्न चिन्ह नही लगाता पीएम के ..?? चाय बेचने वाली मानसिकता मे पकौड़ा ही अभी तक हावी है ..स्वरोजगार मे भी उससे ऊपर सोच नही गयी जिसकी उसके हाथ मे क्या है भविष्य देश का ..??और इनसे लोग उम्मीद लगाये बैठे हैं विश्व गुरु बनेगा भारत...मन की बात सुनाने वाले हर महीने प्रेस कॉन्फ्रेंस मे नही बैठे कभी जनता के सवाल सुनने और जवाब देने ..?? इंटरवियु भी गिने चुने ही दिए ..क्यो डर है चौकीदार को सवालों से ..?? नोट बन्दी से काला धन आया या कैशलेस हुआ इंडिया ..? यूपी जीत गए बस यही मकसद नोटबन्दी का ..देश इनलोगो की सोच मे नही है नही तो बहुत कुछ हो गया होता ..चुनाव पूर्व के भाषण सुनिए इनके और कार्यान्वयन देखिए आज इनके फिर ..अंतर समझ आ जायेगा ..बुद्धि भ्रष्ट हो गयी है दिशाहीन हो गयी BJP..शेष कालचक्र निर्णय कर देगा...!!
रंजन कुमार 06.09.18
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