नेता कोई भी देश के लिए नहीं सोचता केवल कुर्सी के लिए जीता है

2004 याद है न ..शाइनिंग इंडिया के वहम में ऐसे ही बेलगाम हो नंगा नाचने लगे थे बीजेपी वाले सत्ता मद में ..लेकिन तब राहत की बात यह थी कि अटल जी पीएम थे जिनका व्यक्तित्व शालीन था ..फिर भी जनता ने सत्ता मद मे धुत उनके मंत्रियों के बड़बोलेपन को सबक सिखाया था .आज न वो बीजेपी है न वो संस्कार हैं इनके न वो शालीनता ही है कहीं किसी मे ..और सत्ता मद मे इतने अंधे हो चुके हैं की शाहबानो प्रकरण मे राजीव गांधी की एतिहासिक भूल को इन्होंने फिर दुहरा दिया है SC ST अध्यादेश द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पलट के ..सवर्णों ने हुकांर भर दी है ..इशारा दे दिया है कल के आंदोलन से ..अब भी नही जगे तो ..काल चक्र निर्णय दे देगा और अटल जी की तरह मोदी जी भी इतिहास हो जाएंगे ..बहुत कुछ करने का अवसर था प्रचंड बहुमत दिया लोगो ने मगर चन्द वोटॉ की भूख ने तुष्टिकरण का ऐसा जाल बुना खुद बीजेपी ने अपने लिए जिसमे अब खुद ही उलझ के खत्म हो जाएगी ..बड़ा अवसर बेकार गया और मोदी जी ने एक बड़ी चूक कर दी है अब ..सुधार लिया तो ठीक वरना शाइनिंग इंडिया दुहराया जाएगा कोई शक नहीं ..रंजन कुमार 07.09.18

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